Shaadi क्या होता है : Shadi kya hoti hai | Kya Shadi Karna Jaruri Hai | Shadi Kaise Kare

दोस्तों आप सभी का स्वागत है शादी की वेबसाइट shadi ki website पर,यहां पर आपको शादी से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त होगी|

दोस्तों शादी से जुड़े जितने भी सवाल आपके दिमाग में आते हैं वह सब (shadi ki website)पर आपकी क्लियर हो जाएंगे|  Shaadi क्या होता है, Shaadi क्यों होती है हम आपको बताएंगे इस (shadi ki website) के माध्यम से |

Shadi Ki Website
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अक्सर लोगों का सवाल होता है क्या Shaadi  करना जरूरी है या फिर Shaadi  क्यों जरूरी है और जो लोग इसको मान लेते हैं कि हमें शादी करनी है तो  उनका सवाल होता है शादी का तरीका क्या है शादी की रस्में क्या होती है और शादी यानी जिसे इंग्लिश में वेडिंग Wedding कहा जाता है या मैरिज (Marriage) कहा जाता है हिंदू धर्म के अनुसार उसका एक एक्ट बनाया गया है (marriage act)

हमारी भारतीय संस्कृति के अंदर जिसे मैरिज एक्ट ऑफ इंडिया (marriage act of india )भी कहा जाता है |

इस मैरिज इक्वलिटी एक्ट( marriage equality act) के अंदर शादी क्या है, कैसे है उसके बारे में संपूर्ण जानकारी का उल्लेख किया गया है |दोस्तों आज हम (shadi ki website) के माध्यम से आपको बताएंगे कि Shaadi  क्या होता है|

Contents / विषय-सूची

  1. शादी क्या होता है | Shadi kya hoti hai
  2. Shadi kya hai in hindi | हिंदी में शादी क्या है
  3. मैरिज एक्ट | Marriage Act India In Hindi | Marriage Act Of India | Marriage Equality act
  4. क्या शादी जरुरी है | Kya shadi karna jaruri hai | kya shadi jaruri hai
  5. शादी की रस्में | Shadi ki Rasme | Wedding rituals Of India
    1. Hindu Wedding Rituals
    2. पाकिस्तान में शादी | Pakistani Wedding Rituals
    3. बंगाली शादी की रस्मे | Bengali Wedding Rituals 
    4. Rajputi Wedding Rituals
    5. Punjabi Wedding Ritual
  6. शादी का तरीका | Shadi ka Tarika | Process of marriage
  7. शादी कैसे करे |Shadi kaise kare | How to do marriage | How to Do Court Marriage
  8. Shadi Card Designs | Shadi Card Matter 
  9. मैरिज रजिस्टर कैसे करे | Marriage Register Online India
  10. सफल शादी के टिप्स | Best Successful Marriage Tips In Hindi
  11. Shaadi ke baad kya hota hai | Shadi ke baad kya hota hai | What happens after marriage

शादी क्या होता है | Shadi kya hoti hai

विवाह (Vivah) जिसे शादी भी कहा जाता है | विकिपीडिया के अनुसार इसकी डेफिनेशन के अंदर बताया गया है कि शादी दो लोगों के बीच एक सामाजिक या धार्मिक मान्यता प्राप्त मिलन है जो उन लोगों के बीच, साथ ही उनके किसी भी परिणाम जैविक तथा संबंधियों के बीच अधिकारों और दायित्वों को स्थापित करता है |

विवाह की परिभाषा के अनुसार न केवल संस्कृतियों धर्मों के बीच बल्कि किसी भी संस्कृति और धर्म के इतिहास में भी दुनिया भर में बदलती रहती है |

जैसा कि आप सभी ने देखा होगा कि हमारे हिंदू धर्म ,मुस्लिम धर्म, सिक्ख धर्म इन सभी धर्मों में Shaadi करने का तरीका अलग अलग है और सब के अलग-अलग रीति रिवाज है |

आमतौर पर यह मुख्य रूप से 1 संस्थान है जिसमें पारंपरिक संबंध आमतौर पर स्वीकार किए जाते हैं |

विवाह यानी वेडिंग जिसको विवाह उत्सव भी कहा जाता है जिसके अंतर्गत बहुत सी रीति रिवाज मना कर परिवार वाले खुशियां मनाते है |

हिंदी में शादी क्या है | Shadi in Hindi | Shadi kya hai in hindi

दोस्तों शादी इन हिंदी (Shadi in Hindi) या फिर शादी क्या है इन हिंदी (Shadi kya hai in hindi)  से हमारा तात्पर्य सिर्फ इतना है कि हिंदू धर्म में शादी को लेकर जो भी रीति रिवाज है उनका उल्लेख हमें पढ़ना चाहिए और शादी से जुड़े जो भी रीति रिवाज हम अलग-अलग धर्मों में मनाते हैं चाहे वह हिंदू धर्म हो चाहे मुस्लिम धर्म हो या सिख धर्म हो हमें शादी उसके अंतर्गत करनी चाहिए |
 
ऐसा माना जाता है कि रीति रिवाजों (Wedding Rituals) से की गई शादी को भगवान मान्यता देते हैं |
 
जैसा कि हिंदू धर्म में कहा जाता है कि अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए जाते हैं,जिसमें अग्नि यह साक्षी होती है कि जो भी सात वचन लिए गए हैं पति और पत्नी द्वारा वह उनको पूरी तरह निभाएंगे |
 
जैसा कि आपको पता ही है कि हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना होता है जिसमें जल अग्नि वायु मिट्टी आकाश इन सभी 5 भूत का उपयोग हम शादी में करते हैं ,जिसमें से अग्नि को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है |

शादी की रस्में (Shadi Ki Rasme )दोस्तों Shaadi की रस्में जो है अलग-अलग धर्मों में अलग-अलग तरीके से बनाई गई है जैसा कि आपने सुना होगा की पंजाबी शादी की रस्में (punjabi shadi ki rasme) जो अक्सर लोगों को बहुत अच्छा लगती है पर कुछ रस्में ऐसी है जो बहुत से धर्मों में और बहुत सी जगहों पर अलग-अलग तरीके से मनाई जाती हैं |

मैरिज एक्ट | Marriage Act India In Hindi | Marriage Act Of India | Marriage Equality act

भारत की संसद द्वारा सन 1955 में हिंदू विवाह अधिनियम कानून(Marriage Act) पारित किया गया| हिंदू धर्म में विवाह को 16 संस्कारों में से एक संस्कार माना गया है| अन्य धर्मों में विवाह पति और पत्नी के बीच एक प्रकार का करार है जिसे की विशेष परिस्थितियों में थोड़ा भी जा सकता है परंतु हिंदू विवाह पति और पत्नी के बीच जन्म-जन्मांतरों का संबंध होता है जिससे कि किसी भी परिस्थिति में तोड़ा नहीं जा सकता|

अधिनियम द्वारा हिंदू विवाह प्रणाली में समय-समय पर नामांकित परिवर्तन किए गए हैं | हर हिंदू स्त्री पुरुष दूसरे हिंदू स्त्री पुरुष से विवाह कर सकता है, चाहे वह किसी जाति का हो| एक विवाह तय किया गया है| द्विविवाहअमान्य एवं दंडनीय है| न्यायालयों पर यह कर्तव्य नियत किया गया है कि हर विवाहिक झगड़े में समाधान कराने का प्रथम प्रयास किया जाए| न्यायालयों को अवयस्क बच्चों की देखरेख एवं भरण पोषण की व्यवस्था करने का भी अधिकार दिया गया है|

क्या शादी जरुरी है | Kya shadi karna jaruri hai | kya shadi jaruri hai

वैसे तो इस दुनिया में बहुत से रिश्ते हैं जैसे मां-बाप चाचा-चाची भाई-बहन आदि| यह सब रिश्ते अपनी जगह खास है पर दुनिया का सबसे खास रिश्ता पति पत्नी का है| परंतु आज के समय में सब का विचार शादी के प्रति बदल चुका है आज के समय में लड़कों और लड़कियों दोनों की ही राय शादी के बारे में अलग अलग है कुछ लोग शादी को एक आफत समझते हैं तो कुछ लोग जिंदगी की जरूरत| अलग-अलग धारणाएं होने के कारण आज शादी के मायने बदल चुके हैं|

माना जाता है कि पति और पत्नी एक दूसरे के पूरक है| शादी करने से ना केवल आपको जिंदगी संभालने वाला विश्वसनीय साथी मिल जाता है बल्कि पति या पत्नी के रूप में एक दोस्त भी| शादी करना वैसे तो जिंदगी की जरूरत है और कहा जाता है कि शादी ना करने से समाज में इज्जत भी नहीं मिलती| तो आइए जानते हैं वह कौन-कौन सी बातें है जिन्हें ध्यान में रखकर आप सकते हैं कि शादी करना क्यों जरूरी है|

यदि आप शादी नहीं करते तो आपको एक अच्छे दोस्त की कमी हमेशा खलती है| इसके अलावा शादी ना होने पर उम्र भी कम हो जाती है| शादी ना होने पर कई बार समाज में आप को सम्मान भी नहीं मिल पाता| जिंदगी में कई मोड़ आते हैं को एक अच्छे जीवन साथी की जरूरत महसूस होती है| जवानी भले ही मौज मस्ती में कट जाए पर जैसे-जैसे जवानी के दिन जाने लगते हैं तो आप अकेलापन महसूस करने लगते हैं| उम्र ढल जाने पर आपको देखभाल की भी जरूरत होती है जो एक जीवन साथी ही कर सकता है|

इन कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप अपना फैसला ले सकते हैं इसके बाद भी अगर आप शादी नहीं करना चाहते तो यह आपका निजी फैसला है| शादी का अर्थ या उद्देश्य किसी भी प्रकार की टेंशन नहीं है| यह तो भगवान द्वारा बनाया गया एक अमूल्य रिश्ता है जो आप के जीने और आपकी जिंदगी के उद्देश्य और मतलब को पूरा करता है|

punjabi shadi ki rasme janne k liye yaha jae (पंजाबी शादी की रस्मे जान ने के लिए यहाँ जाए) -> Punjabi Shadi Ki Rasme

इन रस्मों के वैसे तो बहुत से लॉजिक होते हैं पर कुछ रस्में लोग आजकल फैशन के लिए भी बना देते हैं | कुछ रस्में को सिर्फ इसलिए बनाया जाता है कि दोनों परिवार वालों के बीच में सामंजस्य बना रहे जबकि कुछ रस्मों को इसलिए बनाया जाता है , कि शादी के टाइम पर हमारे सभी परिवार वाले मौजूद होते हैं तो वह उस उत्सव का मजा ले सकें|

इन रस्मो के बिना, इन रीति-रिवाजों के बिना बहुत सी ऐसी परंपराएं हैं जो पूरी हो जाती है और यह भी कहा जाता है कि इनके बिना विवाह अधूरा समझा जाता है |
कुछ परंपराएं और रीति-रिवाज ऐसे भी हैं जो पुराने जमाने से चली आ रही है और हमारे बीच में लोगों  द्वारा निभाई जा रही है चाहे माँ द्वारा बारात स्वागत के टाइम दूल्हे का स्वागत करने में उसकी नाक खिंचाई हो या दूल्हे के चेहरे पर चावल फेंकना हो या फिर अपनी प्यारी सासू मां द्वारा बहू की मुंहदिखाई की हो |

Shadi Ki Rasmo list | भारत में शादी के रिवाज| Wedding Rituals In India

 
Barat swagat | बारात स्वागत

 

 

Dulhe Ki Naak Khichai | दूल्हे की नाक खिंचाई
 
Dulhan Ki Punjabi Chura Rasam
Kalire Ki Rasam |kalire for bride
Muhdikhai ki rasam | मुंह दिखाई की रस्म

Shaadi का तरीका | Process of marriage

ऐसा कई जोड़ों के साथ होता है, शादी तो करना चाहते हैं, लेकिन प्रोसीजर के बारे में कुछ पता नहीं होता और किसी ना किसी संकोच से जांच पड़ताल करते हुए भी कतराते हैं| आइए जाने अगर आप शादी करना चाहते हैं तो क्या प्रोसीजर है|

आर्य समाज मंदिर में विवाह का प्रोसीजर

आर्य समाज मंदिर में विवाह, हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत होते हैं| आर्य समाज मंदिर विवाह को रजिस्टर्ड करते हैं सर्टिफिकेट्स जारी करते हैं| इतना ही नहीं विवाह से पहले कंफर्म  करते हैं कि दोनों पक्ष विवाह के योग्य है भी या नहीं और क्या यह विवाद दोनों की रजामंदी से हो रहा है या नहीं|

मुस्लिम ला | Muslim Law

मुस्लिम लॉ के अंतर्गत nikaah एक सिविल कॉन्ट्रैक्ट है और निकाह के लिए एक ऑफर दिया जाता है जिसे युवती कबूल करती है| इस कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत तय की मेहर की रकम युवती को दी जाती है| काजी और गवाह की मौजूदगी में यह निकाह किया जाता है| मुस्लिम लॉ के अंतर्गत युवती की उम्र 15 वर्ष या उससे ज्यादा होना आवश्यक है|

हिंदू मैरिज एक्ट | Hindu Marriage Act

हिंदू मैरिज एक्ट के अंतर्गत शादी हिंदू रीति-रिवाज से होनी चाहिए| हिंदू शादी के लिए अग्नि के सामने फेरे लेना, वचन लेना और साथ साथ कई अन्य रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है इसके बाद ही शादी पूर्ण मानी जाती है|

कोर्ट मैरिज | Court Marriage

यदि आपने शादी करने का फैसला ले लिया है और आपके पास समय है तो आप कोर्ट मैरिज भी कर सकते हैं. विशेष विवाह अधिनियम के तहत होने वाले विवाह को ही कोर्ट मैरिज कहा जाता है.
कोर्ट में युवक-युवती धर्म एवं जाति के अंतर के बावजूद भी विवाह कर सकते हैं|

शादी कैसे करे |Shadi kaise kare | How to do marriage | How to Do Court Marriage

आर्य समाज मंदिर में विवाह प्रक्रिया

आर्य समाज मंदिर में विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत होते हैं| आर्य समाज मंदिर विवाह को रजिस्टर्ड करते हैं और सर्टिफिकेट भी जारी करते हैं| नहीं-नहीं विवाह से पूर्व यह भी कंफर्म किया जाता है कि दोनों पक्ष विवाह के योग्य है भी या नहीं और दोनों पक्ष विवाह से पूर्णतया सहमत है या नहीं|

आर्य समाज मंदिर में वही विवाह कराए जाते हैं जो कि कानूनी रूप से वैद्य हो अर्थात की आयु के प्रमाण पत्र देखे जाते हैं, तय किया जाता है कि दोनों पक्ष भी विवाह के योग्य हो|

आर्य समाज मंदिर पंजिका में इन सभी तथ्यों को रजिस्टर करते हुए के बाद विवाह प्रमाण पत्र भी जारी करते हैं|

आर्य समाज मंदिर में विवाह करने के लिए युवक की उम्र 21 साल 18 साल होनी चाहिए|

दोनों पक्षों की डेट ऑफ बर्थ का प्रूफ होना चाहिए जैसे कि उनका बर्थ सर्टिफिकेट या मैट्रिक सर्टिफिकेट आदि|

दो विटनेस होने चाहिए|

एड्रेस प्रूफ होना चाहिए

विवाह से 2 दिन पूर्व एक आवेदन पत्र भरा जाता है जिसके साथ डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट अटैच किया जाता है| सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही शादी कर सकते हैं|

कोर्ट मैरिज

अगर आप शादी करने का फैसला कर चुके हैं और आपके पास थोड़ा भी समय है तो आप कोर्ट मैरिज कर सकते हैं| आमतौर पर विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुए विवाह को ही कोर्ट मैरिज कहां जाता है|

इसके लिए लड़का एवं लड़की को निर्धारित प्रपत्र में विवाह करने की सूचना जिला विवाह अधिकारी को प्रेजेंट करनी होती है|

एक नॉमिनल फीस जमा की जाती है| इस आवेदन पत्र के साथ फोटो पहचान पत्र भी प्रस्तुत किए जाते हैं|

एप्लीकेशन कलेक्टर के कार्यालय की नोटिस बुक में मेंशन होती है जिसे कोई भी व्यक्ति देख सकता है| कोई भी कानूनी बाधा ना होने पर नोटिस जारी करने के 30 दिन के अंदर या फिर एप्लीकेशन प्रेजेंट होने के 3 माह समाप्त होने से पहले कभी भी जिला विवाह अधिकारी की प्रस्तुति में विवाह संपन्न कराया जा सकता है|

कोर्ट में जाति या धर्म के अंतर के बावजूद भी विवाह किया जा सकता है|

मैरिज रजिस्टर कैसे करे | Marriage Register Online India

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ऑफ कई राज्यों में आरंभ हो चुका है|  Online Registration लिए हिंदू विवाह पंजीकरण सॉफ्टवेयर रेडी किया गया है|

इस सॉफ्टवेयर की मदद से घर बैठे बैठे व्यक्ति शादी  online रजिस्टर करा सकता है| आइए जाने ऑनलाइन मैरिज सर्टिफिकेट रजिस्टर करने के लिए आपको क्या करना होगा|

सबसे पहले एप्लीकेशन के लिए आपको departmental वेबसाइट पर जाकर फार्म डाउनलोड करना है.

Select your City and fill in the details.

तत्पश्चात सारे जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके फॉर्म के साथ अटैच करना है|

Shaadi ke baad kya hota hai | Shadi ke baad kya hota hai | What happens after marriage

शादी से पहले, लगभग हर जोड़ा अपनी आगामी शादी के रात के बारे में कल्पना करता है| आप अलग अलग तरह की भावनाएं महसूस करते हैं|

कुछ घबराहट महसूस करते हैं, यह अलग और अजीब किस्म की भावना है जिसे शायद ही एक्सप्लेन किया जा सके|

बहुत से लोग जानने में दिलचस्पी रखते हैं कि शादी के बाद पहली रात वास्तव में होता क्या है| आम तौर पर शादी के बाद पहली रात को, की जाने वाली चीजों की सूची इस प्रकार है|

1. लंबे समय तक सोना

भारतीय विवाह अनुष्ठान से भरे है|  जोड़ें और रिश्तेदारों को लगातार दो से तीन रातों जागना पड़ता है|

आपको आराम करने के लिए समय नहीं मिलता है, इसीलिए जैसे ही आप अपने सजाए गए कमरे में प्रवेश करते हैं आप थक चुके होते हैं कि सिर्फ और सिर्फ सोना चाहते हैं.

2. भारी आउटफिट और आभूषणों से छुटकारा

लंबे समय तक इतने भारी कपड़े और गहने पहनना और उनको मेंटेन करना आसान नहीं है. केवल जोड़ा ही जानता है कि वह इन चीजों से कितनी बुरी तरह से छुटकारा पाना चाहते हैं. अपने कमरे में प्रवेश करते हैं एक दूसरे को भारी चीजों से फ्री होने में मदद करते हैं.

3. वेडिंग गिफ्ट्स खोलना

यह बहुत ही रोमांचक और मजेदार है. पर जैसे ही इन उपायों में घरेलू उपकरण नाम और क्रॉकरी जैसे आइटम्स देखकर सारा मजाक गायब हो जाता है.

4. बातें, बातें और बातें

शादी के बाद पहली रात को कुछ जोड़ें सिर्फ बातें करते हैं| वह पूरी रात बात करते हुए बिता सकते हैं|

शादी के कुछ दिन पहले से ही जोड़ों को बात करने का समय नहीं मिलता इसीलिए आख़िर में जब उन्हें शादी के बाद पहली रात बात करने का समय मिलता है तो वह सिर्फ और सिर्फ बातें करते हैं|

 हिंदी शादी के रीती रिवाज और अनके महत्व - > Hindu wedding Rituals symbolism and Significance

 

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